Thursday 18 December 2008

चाँद चुपचाप कोने में पड़ा रहता है



(
चाँद से उलझता ही रहता हूँ ,लेकिन कल रात जो उलझा तो कुछ सवाल आए और कुछ जवाब भी)

चाँद चुपचाप कोने में पड़ा रहता है.... 

पूछता हूँ क्यूँ भला अंधेरे की सोहबत
हैं और भी रास्ते गर दिखानी है उलफत
हाँ चाँदनी ज़रूर तेरे साथ रहती है
वो भी मगर हालत पे तेरे मुस्कुराती है

सुन के मेरी बात मुझे बस देखा करता है, 
चाँद चुपचाप कोने में पड़ा रहता है

बता भी दे इस चुप मैं क्या छिपी है बात
इस गम मैं जला जाता हूँ मैं भी तेरे साथ। 
दिखा दे जहाँ को अपने दिल की वो तस्वीर
खुदा के लिए तोड़ दे होंठों पर बँधी जंजीर। 

सारे जहाँ का दर्द ये खुद ही सहता है,
चाँद चुपचाप कोने में पड़ा रहता है

(मुस्कुरा कर चाँद बोला)

कहते हो जिसे दर्द वो सनम की नज़र है
दोस्त मेरा गम हर खुशी से बेहतर है
सुनोगे मेरी बात तो कहूँगा मैं ज़रूर,
करोगे मोहब्बत तो होगे चाँद से मशहूर। 

चाँदनी से रात को पैगाम दिया करता हूँ,
मैं आवारा बस कोने मैं पड़ा रहता हूँ

7 comments:

rewa said...

सुन के मेरी बात मुझे बस देखा करता है,
चाँद चुपचाप कोने में पड़ा रहता है।

Simply Beautiful.

rewa said...

सुन के मेरी बात मुझे बस देखा करता है,
चाँद चुपचाप कोने में पड़ा रहता है।

Simply Beautiful.

BrijmohanShrivastava said...

श्रीवास्तव जी /कृपया अन्यथा न लें /रचना पोस्ट करने में दो तीन का विलंब कर दिया करें /रात की बात राज +ज्यादा पाठक पढ़ नहीं पाये तब तक चाँद कोने में पड़ गया विल्कुल कैकेई के कोप भवन की तरह /अब कोई पाठक रात का राज नहीं पढ़ पायेगा /खैर /
चाँद का चुपचाप पड़ा रहना फिर भी चांदनी द्वारा संदेश देना एक बहुत ही सुंदर लाक्षणिक अभिव्यक्ति

रश्मि प्रभा said...

चाँदनी से रात को पैगाम दिया करता हूँ,
मैं आवारा बस कोने मैं पड़ा रहता हूँ।.....
bahut hi khubsurat rachna hai,chaand ka paigaam kitne arth de jaata hai.....

अक्षय-मन said...

चाँदनी से रात को पैगाम दिया करता हूँ,
मैं आवारा बस कोने मैं पड़ा रहता हूँ।
बहुत ही गहराई मे चले गए खुबसूरत एहसास है

Pyaasa Sajal said...

itna khoobsoorat sheershak hai ki aadha kaam to waheen ho gaya :)

rachna bhi badi pyaari hai...soch bahut kamaal ki hai :)

rewa said...

Ek baar fir se ise padhne ka dil kikya....aur is baar dil kah utha....Chand ko kya maloom use chahta hai koi chakor!