
जिंदगी ख्वाब की मानिंद नजर आती है,
धूप चढ़ती है दो पल में उतर जाती है|
रात जब भी कभी मेरे करीब आती है,
तेरे एहसास कि गर्मी मुझे सुलाती है|
जाने किस तरह बना है तेरा मेरा रिश्ता,
कौन सी खुशी है किसकी, कौन सा ग़म किसका|
तुम वहां हो तो मेरे साथ है साया किसका,
पास तुम हो तो फिर चेहरा क्यूँ नहीं दीखता|
हाँ अभी मैंने तुम्हें याद किया है फिर से,
हाँ अभी तुमने एक बार छुआ है फिर से|
उस तरफ़ तुमने मेरा नाम लिया है फिर से,
इस तरफ़ मैंने तुम्हें "हाँ" कहा है फिर से|
मांगता हूँ जो उन्हें मैं उम्र भर के लिए,
कहते हैं, हूँ आपके साथ हर जनम के लिए|
मैं सोचा किया, है कौन दिल-ऐ-मुज्तर के लिए,
हाँ यही वो परी जो बनी 'शेखर' के लिए|
11 comments:
भई मज़ा आ गया
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http://prajapativinay.blogspot.com
kamaal ka klaam . kya likhte ho aap behtreen . c. a. hokar shayr yah bhi to ek kamaal hai
us taraf tumne mera naam liya hai fir se... is taraf maine tumhe haan kahan hai fir se.....
aise ehsaas tabhi ho sakte hain jab poori shiddat se kisi ko chaha jaaye... beautiful!
काफी अच्छी है......
क्या बात है /जिंदगी ख्वाब की मानिंद आती है /रात की ठण्ड और तेरे अहसास की गरमी /जब तुम यहाँ नही तो आख़िर ये साया किसका है और हो तो दिखती क्यो नहीं यह भी बहुत खूब /उम्र भर की बात ही क्या हर जन्म का साथ देने को तयार-सच्चे प्रेम की सच्ची परिभाषा /एक गाना याद आया सौ बार जनम लेंगे ,सौ बार फ़ना होंगे .....होंगे /
बहुत ही बढ़िया लिखा है सारे मुक्तक बहुत अच्छे हैं पहला और आखिरी तो लाजवाब हैं
जिंदगी ख्वाब की मानिंद नजर आती है
हाँ यही वो परी जो बनी 'शेखर' के लिए|
क्या बात है शेखर भैय्या परी ओ हो :)
pehle para se bahut high standard set kar diya...sarvottam lagi wo...doosre bhaag mein gar pehli aur doosri panti ka ferbadal kar diyaa jaaye to shayad flow aur achha lagega
aapka margdarshan mile...
www.pyasasajal.blogspot.com
बहोत ही बढ़िया लिखा है आपने ढेरो बधाई स्वीकारें.....
अर्श
बहुत खूब!
मांगता हूँ जो उन्हें मैं उम्र भर के लिए,
कहते हैं, हूँ आपके साथ हर जनम के लिए|
Ati sunder...her koi chahta hai saat janam ka sath.
kya bat hai ,bahot khub
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