साँस ले ले के थक जाते हैं, हर घड़ी आप याद आते हैं।
याद आना कोई गुनाह नहीं, भूल जाना मगर मज़ाक नहीं।
ये सितम बार बार सहने दो, रात की बात राज रहने दो।
चाँद मेरा कोई चुराता है, दिन तो बस यूँ ही डूब जाता है।
मेरे रोने पे आज हंसते हैं, कल आसूं को वो तरसते हैं।
अश्क गिरते हैं, आज गिरने दो, रात की बात राज रहने दो।
फिर से वादे हज़ार करते हैं, तेरा गम हम खुशी से सहते हैं।
रोज दिन की तलाश होती है, रात ही आसपास होती है।
रात को दिन में अब उतरने दो, रात की बात राज रहने दो।
8 comments:
beautiful words!
bahut sundar bandhu.
"aaj dil ko udaas rahne do." atyant sundar. badhai sweekar karen.
बहोत ही खुबसूरत लिखा है आपने बेहद उम्दा ... ढेरो बधाई स्वीकारें....
अर्श
बहुत अच्छा गीतं। बधाई
बहुत अच्छी रचना.....बधाई।
Aapka blog pada ....sabhi rachnaye ek se badhker ek hai.....
Meri badhai
क्या बात है भाई साहेब ,भूल जाना कोई मज़ाक नहीं /तुम अगर भूल भी जाओ ,मुझको, तो ये हक है तुमको मेरी बात और है मैंने तो मोहब्बत की है /अश्क गिरते हैं आज गिरने दो बहुत सुंदर ,आज की रात जागले ग़ालिब ,जिंदगी पडी है सो लेना / वादे करना और गम सहना वह भी खुशी से क्या शब्द प्रयोग करुँ कुछ समझ में ही नही आरहा इम्प्रेस्सिव कहूं या इन्कोम्प्र्लेब्ल /मै तो यह कह देता हूँ के रात \के तीन बज रहे हैं यादो ,अब तो थोड़ा सोने दो
मेरे रोने पे आज हंसते हैं, कल आसूं को वो तरसते हैं।
Bahut khub likha hai aapne. Keep it up.
Post a Comment