कुछ लोगों ने कहा है वो खुशी से मर गए|
कुछ लोग मर जाते हैं इनकार को सुनकर,
हम हैं की बस लबों की खामोशी से मर गए|
पलकों पे घूमते थे कई ख्वाब बेपरवाह,
कल शाम सुना है कुछ खुदकुशी से मर गए|
कुछ जिंदगी भी हमपर नाराज थी 'जमाल',
कुछ उनकी निगाहों की दिलकशी से मर गए|
4 comments:
कुछ लोग मर जाते हैं इनकार को सुनकर,
हम हैं की बस लबों की खामोशी से मर गए|
... बहुत प्रभावशाली अभिव्यक्ति है।
BAHUT KHUB JANAB. NARAYAN NARAYAN
कुछ लोग मर जाते हैं इनकार को सुनकर,
हम हैं की बस लबों की खामोशी से मर गए| .......bahut achhi abhivyakti
hum hain ki labon ki khamoshi se mar gaye.......kya khoob panktiyan likhi hain,hum to aapki in panktiyon pe mar gaye
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