
बुझे हुए दियों से उनका हाल पूछ लिया |
एक नज़र गौर से अंधेरे पे डालकर,
तन्हाई में चुपके से ये सवाल पूछ लिया |
"रात हमसफ़र है तो जलने में क्या मज़ा,
किस गुनाह की आख़िर ये इतनी बड़ी सज़ा |"
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"जल के देखो फिर ना ये सवाल करोगे,
एक बार जल गये तो हर साल जलोगे |"
16 comments:
"जल के देखो फिर ना ये सवाल करोगे,
एक बार जल गये तो हर साल जलोगे |"
Wah wah! Beautiful.
Bahut sahi farmaya hai... :-)
wah kya bat kahi hai bhai!bahut saudar!
जब हम मना चुके ये जश्न-ए-दीवाली,
बुझे हुए दियों से उनका हाल पूछ लिया |
बहुत अच्छी प्रक्तियां। बधाई।
बहोत खूब लिखा है आपने ढेरो बधाई .................
अर्श
bahut khub
नया साल आपको मंगलमय हो
"जल के देखो फिर ना ये सवाल करोगे,
एक बार जल गये तो हर साल जलोगे |"
.......
गजब की बात है ! बहुत बढिया
भाई वाह....दिलकश अंदाज़ है आपका...
नीरज
पहला और आखिरी शेर कमाल का है...
रात और दीया क्या बात है.......
रात पर कुछ ज्यादा ही फ़िदा हैं मेरे जनाब क्या बात है...
ये रात कि तन्हाई का ही सुरूर लगता है क्या बात है......
जो इतना गहरा लिखा है क्या बात है.......बहुत अच्छा लिखा है भाई....:)
क्या बात है...?)))))))))):)
naye saal ke waqt aapka dhyaan diwali par kya....par asar kamaal ka hua hai....soch jaandaar rahi
नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाएँ!
आपको तथा आपके पुरे परिवार को नव्रर्ष की मंगलकामनाएँ...साल के आखिरी ग़ज़ल पे आपकी दाद चाहूँगा .....
अर्श
नया साल...नया जोश...नई सोच...नई उमंग...नए सपने...आइये इसी सदभावना से नए साल का स्वागत करें !! नव वर्ष-२००९ की ढेरों मुबारकवाद !!!...नव-वर्ष पर मेरे ब्लॉग "शब्द-शिखर" पर आपका स्वागत है !!!!
कुछ रहे वही दर्द के काफिले साथ
कुछ रहा आप सब का स्नेह भरा साथ
पलकें झपकीं तो देखा...
बिछड़ गया था इक और बरस का साथ...
नव वर्ष की शुभ कामनाएं..
nav varsh ki hardik shubh-kaamnayein
padhkar bahut achha laga...
"जल के देखो फिर ना ये सवाल करोगे,
एक बार जल गये तो हर साल जलोगे |"
mere blog par aapka swagat hai...
Puneet Sahalot
http://imajeeb.blogspot.com
kya khoob kaha aapne
jal ke dekho phir na ye sawaal karoge
ek bar jal gaye to har sal jaloge
sari bhavnayein undel din aapne in panktiyon mein
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