Sunday 28 December 2008

रात और दिया



जब
 हम मना चुके ये जश्न--दीवाली
बुझे हुए दियों से उनका हाल पूछ लिया |

एक नज़र गौर से अंधेरे पे डालकर
तन्हाई में चुपके से ये सवाल पूछ लिया | 

"रात हमसफ़र है तो जलने में क्या मज़ा,
किस गुनाह की आख़िर ये इतनी बड़ी सज़ा |

...........................................

"जल के देखो फिर ना ये सवाल करोगे
एक बार जल गये तो हर साल जलोगे |"

17 comments:

rewa said...

"जल के देखो फिर ना ये सवाल करोगे,
एक बार जल गये तो हर साल जलोगे |"

Wah wah! Beautiful.

Bahut sahi farmaya hai... :-)

pintu said...

wah kya bat kahi hai bhai!bahut saudar!

अशोक मधुप said...

जब हम मना चुके ये जश्न-ए-दीवाली,
बुझे हुए दियों से उनका हाल पूछ लिया |

बहुत अच्छी प्रक्तियां। बधाई।

"अर्श" said...

बहोत खूब लिखा है आपने ढेरो बधाई .................


अर्श

विनय said...

बहुत बढ़िया!

makrand said...

bahut khub

BrijmohanShrivastava said...

नया साल आपको मंगलमय हो

रश्मि प्रभा said...

"जल के देखो फिर ना ये सवाल करोगे,
एक बार जल गये तो हर साल जलोगे |"
.......
गजब की बात है ! बहुत बढिया

नीरज गोस्वामी said...

भाई वाह....दिलकश अंदाज़ है आपका...
नीरज

अक्षय-मन said...

पहला और आखिरी शेर कमाल का है...
रात और दीया क्या बात है.......
रात पर कुछ ज्यादा ही फ़िदा हैं मेरे जनाब क्या बात है...
ये रात कि तन्हाई का ही सुरूर लगता है क्या बात है......
जो इतना गहरा लिखा है क्या बात है.......बहुत अच्छा लिखा है भाई....:)
क्या बात है...?)))))))))):)

Pyaasa Sajal said...

naye saal ke waqt aapka dhyaan diwali par kya....par asar kamaal ka hua hai....soch jaandaar rahi

विनय said...

नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाएँ!

"अर्श" said...

आपको तथा आपके पुरे परिवार को नव्रर्ष की मंगलकामनाएँ...साल के आखिरी ग़ज़ल पे आपकी दाद चाहूँगा .....

अर्श

आकांक्षा***Akanksha said...

नया साल...नया जोश...नई सोच...नई उमंग...नए सपने...आइये इसी सदभावना से नए साल का स्वागत करें !! नव वर्ष-२००९ की ढेरों मुबारकवाद !!!...नव-वर्ष पर मेरे ब्लॉग "शब्द-शिखर" पर आपका स्वागत है !!!!

Harkirat Haqeer said...

कुछ रहे वही दर्द के काफिले साथ
कुछ रहा आप सब का स्‍नेह भरा साथ
पलकें झपकीं तो देखा...
बिछड़ गया था इक और बरस का साथ...

नव वर्ष की शुभ कामनाएं..

Puneet Sahalot 'Ajeeb' said...

nav varsh ki hardik shubh-kaamnayein
padhkar bahut achha laga...

"जल के देखो फिर ना ये सवाल करोगे,
एक बार जल गये तो हर साल जलोगे |"

mere blog par aapka swagat hai...

Puneet Sahalot
http://imajeeb.blogspot.com

vandana said...

kya khoob kaha aapne
jal ke dekho phir na ye sawaal karoge
ek bar jal gaye to har sal jaloge

sari bhavnayein undel din aapne in panktiyon mein